पाकिस्तान में भीषण आतंकवादी हमला, कार पुलिस स्टेशन से टकराई, 1500 किलो विस्फोटक से उड़ाया बन्नू पुलिस कैंप, 15 जवानों की मौत
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र बन्नू में एक खतरनाक हमला शनिवार को हुआ। इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। हमले में पहले एक कार में विस्फोट किया गया और फिर एक पुलिसकर्मी पर गोलीबारी की गई।
इस हमले में 15 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की आशंका है। रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र के बन्नू जिले में हुआ, जो अफगानिस्तान सीमा के करीब है। यहां एक पुलिस चौकी को निशाना बनाया गया. एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, हमलावर ने पुलिस स्टेशन के पास विस्फोटकों से भरी एक कार में विस्फोट कर दिया।
15 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की आशंका है
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पूरा पुलिस स्टेशन ढह गया. हमले में कम से कम तीन पुलिसकर्मियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन बताया जा रहा है कि कई और घायल हुए हैं। पुलिस अधिकारी सज्जाद खान के अनुसार, उस समय स्टेशन पर लगभग 15 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर थे, जिनमें से अधिकतर के मारे जाने की आशंका है। हालांकि, अंतिम आंकड़े ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही सामने आएंगे।
हमला कैसे अंजाम दिया गया?
हमले का तरीका बेहद खतरनाक था. पहले कार मुख्य द्वार से टकराई और उसमें विस्फोट हो गया। विस्फोट के बाद, पास में मौजूद पुलिसकर्मी मदद के लिए मौके पर पहुंचे, तभी हमलावरों ने उन पर हमला कर उन्हें मार डाला।
इस दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, एक अन्य पुलिस अधिकारी जाहिद खान ने बताया कि इस हमले में एक आत्मघाती हमलावर भी शामिल था, जिसने थाने के पास विस्फोटकों से भरी कार में विस्फोट कर दिया। इसके बाद कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। खबरों के मुताबिक, हमलावरों ने ड्रोन का भी इस्तेमाल किया, जिससे हमला और भी खतरनाक हो गया। इससे साफ है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे।
इस धमाके से आसपास के इलाके भी प्रभावित हुए. खबरों के मुताबिक, इलाके में घर और इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और कम से कम दो नागरिक घायल हो गए. घटना के बाद पूरा इलाका दहशत में आ गया। एम्बुलेंस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे. घायलों के तत्काल इलाज के लिए बन्नू के सरकारी अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया। अभी तक किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह के हमले पहले भी पाकिस्तानी तालिबान यानी टीटीपी और उसके सहयोगी समूहों द्वारा किए जा चुके हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहले से ही तनाव है।