पंजाब में नशा तस्कर बदल रहे तौर तरीके, ड्रग माफिया की चालाकी पर भारी पड़ रही पुलिस की रणनीतिक कार्रवाई
पंजाब पुलिस द्वारा नशों के विरुद्ध शुरू किया गया "युद्ध नशेयां विरुद्ध" अभियान 1 मार्च 2025 से सक्रिय रूप से चल रहा है, जिसके तहत राज्य में नशा तस्करों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जा रही है। अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के तहत 13,000 से अधिक FIR तथा 58,000 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य कार्रवाइयां और उपलब्धियां (अपडेटेड):
गिरफ्तारियां: अभियान के 400 से अधिक दिनों में 58,900 से ज्यादा तस्कर सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं।
बरामदगी: पुलिस ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं, जिनमें 2,200 किलोग्राम से अधिक हेरोइन, 36 किलोग्राम से ज्यादा आइस (ICE), और भारी मात्रा में अफीम व नशीली गोलियां शामिल हैं।
सज़ा की दर (Conviction Rate): एनडीपीएस (NDPS) मामलों में सज़ा की दर बढ़कर 89% पहुंच गई है, जो नशा तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मजबूती को दर्शाता है।
संपत्ति ज़ब्ती: पुलिस ने नशा तस्करों की करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति को फ्रीज और जब्त किया है, साथ ही कई मामलों में बुलडोजर से अवैध संपत्तियों को नष्ट भी किया है।
कॉर्डीनेटेड ऑपरेशन: 'कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन्स' (CASO) के जरिए संदिग्ध इलाकों में छापेमारी की जा रही है।
नशे का निपटान: पुलिस कमिश्नरेट ने पिछले कुछ महीनों में 30 क्विंटल से अधिक नशीले पदार्थों को नष्ट किया है।
तकनीक और सामुदायिक भागीदारी:
व्हाट्सएप चैटबॉट: 'Safe Punjab' व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से नशा तस्करों के खिलाफ 13,000 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं।
गुमनाम रिपोर्टिंग: Anti-Gangster Helpline 93946-93946 के जरिए भी लोग नशे से जुड़ी जानकारी पुलिस को दे रहे हैं।
पुनर्वास (Rehabilitation):
पुलिस सिर्फ तस्करों पर कार्रवाई नहीं, बल्कि नशे के आदी लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए भी काम कर रही है, जिसमें 29,000 से अधिक लोगों का नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज चल रहा है।